Tuesday, March 28, 2023

Ram Navami Poem - राम नवमी कविता

 Ram Navami Poem - राम नवमी कविता 



Ram Navami





 1. अयोध्या  नरेश श्रीराम 


कौसल्या सुपुत्र श्रीराम 
कुलदीपक रघुवश्यांचे, 
राम नाम स्मरता नित्य 
दुःख हरे जीवनाचे ||१||

धनुष्यधारी दशरथ नंदन 
कैकयीने दिला वनवास, 
बंधु लक्ष्मण, सीतामाईसंगे 
भटकंती रानोरानी पंचवटी निवास ||२||

भूवरी अवतरला राम 
नाश करण्या दुष्ट शक्तींचा, 
पाषाणास स्पर्श करता 
उद्धार केला सती अहिल्येचा ||३||

अयोध्या नरेश श्रीराम 
जनता जनार्दनाचा, 
गरीब-श्रीमंत नसे भेद 
भाव जनकल्याणाचा ||||

हृदय निवासी, भक्तवत्सल 
रघुपती राघव राजाराम, 
धर्म संस्थापक, करुणासागर 
पतित पावन जानकी राम ||||




2. राम नाम



  दशरथ   राजा
 अयोध्या  नगरी,
 श्रीराम  जन्मला
 कौशल्या  उदरी. 


 महापराक्रमी
 सत्यप्रिय  राम,
 कुटुंबवत्सल
 शांतचित्त  राम.

 जानकी वल्लभ
  पतित   पावन,
  रघुपती   रूप
  राम  दयाघन.

 रामाच्या नामाचा
  लागो  मज  छंद,
  राम  नाम  घेता
  मनाला आनंद.

 चित्ती  साठवावे
 श्रीरामाचे  ध्यान,
 मना लाभे  शांती
 सुख   समाधान.


रामनवमी पर्वावर भगवान श्रीराम यांना समर्पित...

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